Thursday , June 13 2024

फिरोजाबाद बुखार से मासूम बच्ची की मौत परिजनों ने काटा हंगामा

फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज 100 सैया अस्पताल में बुखार से पीड़ित मासूम बच्ची की मौत होने के बाद गुस्साए परिजनों ने शनिवार की रात लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ तब परिजन मृत व्यक्ति को घर ले गए
थाना टूंडला के गांव हवीपुर निवासी गौरव मिश्रा की 4 वर्षीय पुत्री रौनक बुखार से पीड़ित थी परिजनों से प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार के लिए ले गए चिकित्सक ने उसे सरकारी अस्पताल भेज दिया गौरव और उसकी पत्नी बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे तो वहां से उसे 100 सैया वार्ड भेज दिया परिजनों का कहना है चिकित्सक ने बच्ची का कोई इलाज नहीं किया जिससे उसकी मौत हो गई इसके बाद परिजन बच्ची को मृत अवस्था में छोड़कर अस्पताल परिसर में पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई जिसने बड़ी मुश्किल से मामला शांत कराया मृतक बच्ची की मां का आक्रोश देखते ही बनता था वह इस बात को लेकर आक्रोशित थी बच्ची को मार कर लने की बात कर्मचारी ने कह दिया था 100 सैया अस्पताल में हंगामा करीब 1 घंटे तक चला बाद में पुलिस ने मामला शांत करा दिया तब परिजन बच्ची के शव को घर ले गए इस संबंध में कालेज की प्राचार्या डॉक्टर संगीता अनेजा से पूछा गया तो उनका कहना था कि फर्जन बच्ची को जैसे ही लेकर आए तो बच्ची को तीन डॉकरों ने देखा था वह मृत थी यह जानकारी बच्ची के परिजनों को दी तो वह आग बबूला हो गए बच्ची को यहीं छोड़ हंगामा काटने लगे इधर रविवार को थाना रसूलपुर क्षेत्र निवासी एक मासूम बालक ने दम तोड़ दिया मृत बालक के परिजन भी लापरवाही का आरोप लगा रहे थे रसूलपुर क्षेत्र निवासी अजय कुमार का कहना है उनका 1 वर्षीय पुत्र अंशु बुखार से पीड़ित था वह उसे इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो वहां से उसे 100 सैया अस्पताल भेज दिया वहां मौजूद चिकित्सक बुखार से पीड़ित बच्चे के पिता को इधर से उधर घुमा कर रहे वह इधर-उधर चक्कर काटता रहा बाद में चिकित्सक ने उसे देखा तो परिजनों से कहां यह ठीक है इसे घर ले जाओ तब ह बच्चे को घर ले आया थोड़ी देर बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और दम तोड़ दिया मृत बच्चे के अजय का आरोप है मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है बच्चों का सही ढंग से उपचार नहीं किया जा रहा है बच्चों के परिजनों को इधर से उधर घुमाया जाता है तब तक बच्चा दांत तोड़ चुका होता है