Friday , July 12 2024

बिज़नेस

भारत के छोटे शहरों में अब 65 प्रतिशत लेनदेन डिजिटल, इसमें भी जेन एक्स सबसे आगे

भारत के छोटे शहरों में अब 65 प्रतिशत लेनदेन डिजिटल से किया जा रहा है। किर्नी इंडिया और अमेजन पे इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान क्रांति का नेतृत्व भारत के सहस्राब्दी (25-43 वर्ष की आयु) और जेन एक्स (44-59 वर्ष की आयु) द्वारा किया जा रहा है। बूमर्स (60 वर्ष और उससे अधिक) के पास युवा समूहों की तुलना में अधिक कार्ड और ई-वॉलेट का उपयोग किया जाता है।

भारत के छोटे शहरों में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर अमेजन पे ने एक रिपोर्ट पेश की है जिससे पता चला कि भारत के छोटे शहरों में उपभोक्ताओं द्वारा लगभग 65 प्रतिशत लेनदेन अब डिजिटल हो रहा है, जबकि बड़े शहरों में यह अनुपात लगभग 75 प्रतिशत है।

किर्नी इंडिया और अमेजन पे इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान में क्रांती आई है, जिसका नेतृत्व भारत के सहस्राब्दी (25-43 वर्ष की आयु) और जेन एक्स (44-59 वर्ष की आयु) द्वारा किया जा रहा है। पार्टनर, फाइनेंशियल सर्विसेस लीड, किर्नी इंडिया की शाश्वत शर्मा, ने कहा, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों लेनदेन में युवा डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने से लेकर बीएनपीएल (अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें) जैसी उभरती भुगतान ट्रेंड को लेकर भारत में भुगतान का परिदृश्य बदल रहा है।

लेन-देन हुआ आसान
उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट 120 शहरों, 6,000 से अधिक उपभोक्ताओं और 1,000 व्यापारियों के सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, नकद लेनदेन कम होने के कारण यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और कार्ड का व्यापक आकर्षण बढ़ रहा है, जिसमें 69 प्रतिशत व्यापारिक लेनदेन डिजिटल मोड से हो रहे हैं। अमेजॉन पे इंडिया के सीईओ विकास बंसल ने कहा, भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति क्षेत्रों में हो रही है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों द्वारा समान रूप से प्रेरित है। सड़क विक्रेताओं और छोटे शहरों में भी डिजिटल लेनदेन के प्रवेश के साथ, हम अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। अमेजन पे इस बदलाव में सबसे आगे रहने और सभी क्षेत्रों में भारतीयों को यह सुविधा देना चाहता है।

शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में गिरावट, सेंसेक्स 207 अंक गिरा, निफ्टी 24,380 पर

शेयर बाजार बुधवार सुबह गिरावट के साथ खुला। जहां सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 207.47 अंक गिरकर 80,144 अंक पर रहा, वहीं निफ्टी 49.6 अंक फिसलकर 24,383 अंक पर खुला।बीएसई का सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 207.47 अंक गिरकर 80,144 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,461 अंक के अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, लेकिन शुरुआती सौदों के बाद 49.6 अंक गिरकर 24,383 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे।मारुति, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी और भारती एयरटेल के शेयर फायदे में रहे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध रूप से 314.46 करोड़ रुपये की कीमत के शेयर खरीदे। दूसरी तरफ रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83.49 पर स्थिर रहा।

डिप्टी गवर्नर राव ने NBFC के खुलासों की गुणवत्ता पर चिंता जताई, संस्थानों के लेखा परीक्षण पर दिया जोर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कुछ गैर बैंकीय वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के खुलासों की गुणवत्ता को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी कंपनियों का लेखा परीक्षण (ऑडिट) होना चाहिए। इससे इस बात का पता चल सकेगा कि जमाकर्ताओं और अन्य पक्षों को सही जानकारी दी जा रही है या नहीं। राव ने यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि ऐसी संस्थाएं जमाकर्ताओं के साथ-साथ अन्य पक्षों को भी उचित गुणात्मक जानकारी प्रदान करें।

‘भरोसे को कायम रखना बेहद जरूरी’
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा, ‘वित्तीय दस्तावेजों के मामले में सभी पक्षों के भरोसे को कायम रखने के लिए लेखा परीक्षण करना बेहद आवश्यक है। बैंकिंग उद्योग का पूरा तंत्र विश्वास की नींव पर खड़ा है और यहां जमाकर्ता ओर अन्य पक्षों को अलग-थलग और अनियोजित तरीके से रखा गया है।’ एम राजेश्वर राव ने वैधानिक लेखा परीक्षकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाओं (आईएफआई) के मुख्य वित्तीय अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। राव ने इस बात पर जोर दिया कि बैंकीय और वित्तीय उद्योगों में उच्च स्तर के लेखा-जोखा की आवश्यकता पर आरबीआई का विशेष ध्यान है। इसके साथ ही उन्होंने बाजार में अनुशासन बरकरार रखने के लिए वित्तीय दस्तावेजों में पारदर्शिता पर भी जोर दिया। डिप्टी गवर्नर ने कहा कि आरबीआई द्वारा बीते कुछ समय से विनयमित संस्थाओं (आरई) को व्यावसायिक निर्णयों में लचीलापन लाने पर जोर दिया जा रहा है।

‘सुधारों पर दिया जा रहा है जोर’
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि अपेक्षित ऋण हानि (ECL- Expected Credit Loss) के मामले में केंद्रीय बैंक द्वारा गैर बैंकीय वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के दस्तावेजों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। राव ने कहा, ‘कुछ एनबीएफसी के दस्तावेजों पर ध्यान देने के बाद हमने पाया कि इनमें बड़े पैमाने पर लेखांकन को दोहराया गया था। इसके अलावा आरबीआई द्वारा विनयमित संस्थाओं (आरई) को अपने काम करने के तरीके को और भी सुधारने पर जोर दिया गया है।’

पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया की कंपनियों को भारत आने का दिया न्योता; निवेश की संभावनाएं गिनाईं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए बुधवार को आमंत्रित किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर जोर डाला। पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद मंगलवार शाम मॉस्को से यहां पहुंचे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 40 वर्षों में ऑस्ट्रिया की पहली यात्रा है।

पीएम मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर ने यहां हॉफबर्ग पैलेस में आयोजित गोलमेज व्यापार बैठक में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने ऑस्ट्रिया और भारत के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) को संयुक्त रूप से संबोधित किया।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित क्षेत्र, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों, फिनटेक, स्टार्टअप और नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण संभावना पर जोर दिया। इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रियाई कंपनियों को भारत में निवेश करने का न्योता दिया। दोनों देशों के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडियाऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज’ फरवरी, 2024 में पेश किया गया था।

भारत-ऑस्ट्रिया द्विपक्षीय व्यापार 2023 (जनवरी-दिसंबर) में 2.93 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। ऑस्ट्रिया को भारतीय निर्यात 1.52 अरब डॉलर और आयात 1.41 अरब डॉलर रहा है।

चांदी की चमक बरकरार; भाव सर्वकालिक उच्च स्तर पर, सोना 250 रुपये मजबूत हुआ

विदेशी बाजारों में मजबूत रुख के अनुरूप स्थानीय बाजार में बुधवार को चांदी की कीमत 97,100 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गई जबकि सोने की कीमतों में 250 रुपये की तेजी आई। चांदी का भाव 1,150 रुपये की तेजी के साथ 97,100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। मंगलवार को यह 95,950 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

वायदा कारोबार में चांदी भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बुधवार को 96,493 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में सोने का भाव 250 रुपये की तेजी के साथ 73,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले सत्र में सोना 72,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ”दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव 250 रुपये की बढ़त के साथ 73,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।”

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने का हाजिर भाव छह डॉलर की तेजी के साथ 2,352 डॉलर प्रति औंस हो गया। गांधी के अनुसार, “सोने की कीमतों में बुधवार को थोड़ी वृद्धि हुई, क्योंकि लाल सागर में एक जहाज पर एक और हमले के बाद सुरक्षित धातु की मांग ने मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया।

गांधी ने कहा, ”हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कई अधिकारियों की तीखी टिप्पणियों और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में उछाल ने बहुमूल्य धातुओं के लाभ को सीमित कर दिया है।” इसके अलावा चांदी भी तेजी के साथ 32.05 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार होती दिखी। पिछले सत्र में यह 31.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। हाजिर चांदी की कीमतें इस साल अब तक 35 फीसदी चढ़ चुकी हैं और 12 साल के उच्चस्तर पर पहुंच गई हैं। कॉमेक्स पर सोना 2,355-2,360 डॉलर के स्तर पर करोबार करता दिखा और एमसीएक्स पर सोना 72,450 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव पर कारोबार करता दिखा।

स्पेस स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस ने अग्निबाण एसओआरटीईडी-01 को सफलतापूर्व लॉन्च किया, इसरो ने दी बधाई

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को बताया है कि स्पेस स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस ने श्रीहरिकोटा स्थित अपने लॉन्च पैड से अग्निबाण (सबऑर्बिटल टेक डिमॉन्स्ट्रेटर) एसओआरटीईडी-01 मिशन को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया है। इसरो ने प्रक्षेपण को ‘एक प्रमुख मील का पत्थर’ करार देते हुए अग्निकुल कॉसमॉस को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा, “अग्निबाण एसओआरटीईडी-01 मिशन के प्रक्षेपण पैड से सफल प्रक्षेपण के लिए अग्निकुल कॉसमॉस को बधाई। यह इंजन परीक्षण अग्निकुल के अपने डेटा अधिग्रहण प्रणालियों और उड़ान कंप्यूटरों द्वारा संचालित है, जो 100 प्रतिशत इन-हाउस डिजाइन किए गए थे। इसके अलावा, यह परीक्षण वाहन के संपूर्ण प्रणोदन प्रणाली को नियंत्रित करने के लिए SOrTeD वाहन की संपूर्ण एवियोनिक्स शृंखला की क्षमता को भी साबित करता है। लगभग 700 किमी ऊंची कक्षाओं में 300 किलोग्राम तक ले जाने में सक्षम, अग्निबाण निम्न और उच्च दोनों झुकाव कक्षाओं तक पहुंच सकता है और पूरी तरह से मोबाइल है। इसे 10 से अधिक लॉन्च पोर्ट तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है।

अपने सभी चरणों में एलओएक्स/केरोसिन इंजन द्वारा संचालित, अग्निबाण ग्राहक द्वारा कॉन्फ़िगर करने योग्य है। मिशन, उपग्रह और लॉन्च पोर्ट ही तय करेंगे कि पहले चरण में कितने इंजन जाएंगे। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अग्निकुल कॉसमॉस को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी शार), श्रीहरिकोटा के भीतर अग्निकुल के अपने और भारत के एकमात्र निजी लॉन्चपैड से अपना पहला प्रक्षेपण सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी।

कहर बरपाती गर्मी से बढ़ी बिजली की मांग, हर दिन 246 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंची डिमांड

भारत में जैसे जैसे गर्मी का कहर बढ़ रहा है, वैसे ही देश में बिजली की मांग भी बढ़ रही है। गर्मी से बचने के लिए लोग जमकर कूलर, पंखे, एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर ये हुआ है कि देश में प्रतिदिन बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, देश में हर दिन बिजली की मांग 246.06 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। देश में बुधवार को 246.06 गीगावाट बिजली की सप्लाई हुई, जो कि इस साल गर्मी के मौसम में सर्वाधिक है।

पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा
ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को देश में बिजली की सप्लाई 237.94 गीगावाट रही थी। बीते साल सितंबर में बिजली की सर्वाधिक मांग एक दिन में 243.27 गीगावाट रही थी और अब तक पिछले साल की मांग का रिकॉर्ड टूट चुका है। आशंका है कि जून के महीने में यह मांग और बढ़ सकती है और यह नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। इस साल 24 मई को सबसे ज्यादा बिजली की मांग 239.96 गीगावाट रही थी, वहीं 23 मई को यह 236.59 गीगावाट थी।

दिल्ली में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शाम में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और आंधी का अनुमान भी जताया है। दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में बुधवार को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि बीते 79 साल में सर्वाधिक है। इससे पहले 17 जून 1945 को 46.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।

ऊर्जा मंत्रालय के अनुमान से ज्यादा है बिजली की मांग
इस महीने की शुरुआत में ऊर्जा मंत्रालय ने अनुमान जताया था कि देश में मई महीने में दिन के समय सबसे ऊर्जा की मांग अधिकतम 235 गीगावाट तक पहुंच सकती है, वहीं शाम के समय यह 225 गीगावाट रह सकती है। वहीं जून माह में दिन के समय बिजली की मांग 240 गीगावाट और शाम के समय 235 गीगावाट रहने का अनुमान जताया गया था, लेकिन ऊर्जा मंत्रालय के अनुमानों को भी पीछे छोड़ते हुए मई माह में ही बिजली की मांग 246 गीगावाट तक पहुंच गई है। ऊर्जा मंत्रालय ने ये भी अनुमान जताया है कि इस साल गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 260 गीगावाट के स्तर तक पहुंच सकती है।

देश में इस साल अप्रैल माह में बिजली की सप्लाई हर दिन 224.18 गीगावाट थी, मार्च में 221.82 गीगावाट, फरवरी में 222.16 गीगावाट और जनवरी में 223.51 गीगावाट रही थी। मौसम विभाग ने इस साल मार्च में अनुमान जताया था कि भारत में इस साल जमकर गर्मी पड़ेगी और हीटवेव के दिन भी ज्यादा रहेंगे। इसकी वजह अल नीनो प्रभाव को बताया गया था, जिसका असर मई तक रहेगा।

वित्तीय वर्ष 2024 के दौरान भारत में 44 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई आया, पिछले साल की तुलना में 3% की कमी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का इक्विटी प्रवाह 2023-24 में 3.49 प्रतिशत घटकर 44.42 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया। इसका कारण सेवा, कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, दूरसंचार, ऑटो और फार्मा जैसे क्षेत्रों में निवेश का कम रहना है। 2022-23 के दौरान एफडीआई का प्रवाह 46.03 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

हालांकि, आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनवरी से मार्च के बीच एफडीआई का प्रवाह 33.4 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान 12.38 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया, एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 9.28 अरब डॉलर था। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों से पता चला है कि कुल FD- जिसमें इक्विटी प्रवाह, पुनर्निवेशित आय और अन्य पूंजी शामिल हैं- 2023-24 के दौरान एक प्रतिशत घटकर 70.95 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि 2022-23 में यह 71.35 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

वर्ष 2021-22 में देश को अब तक का सबसे अधिक 84.83 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत में मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, केमैन आइलैंड, जर्मनी और साइप्रस सहित प्रमुख देशों से एफडीआई का प्रवाह घटा, जबकि नीदरलैंड और जापान से इसके प्रवाह में वृद्धि हुई।

क्षेत्रवार आधार पर आकलन से पता चलता है कि सेवा क्षेत्र, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर, ट्रेडिंग, दूरसंचार, वाहन, फार्मा और रसायन क्षेत्र से जुड़े कारोबार में विदेशी निवेश का प्रवाह घटा है। इसके विपरीत, निर्माण (बुनियादी ढांचा) गतिविधियों, विकास और बिजली क्षेत्रों में समीक्षाधीन अवधि के दौरान प्रवाह में अच्छी वृद्धि दिखी। भारत में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 2022-23 के दौरान 22 प्रतिशत कम हो गया था।

पेटीएम का घाटा चौथी तिमाही में बढ़कर 550 करोड़ रुपये हुआ, कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी

फिनटेक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में घाटा बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में घाटा 167.5 करोड़ रुपये था। वन97 कम्युनिकेशंस के पास पेटीएम ब्रांड का स्वामित्व है। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि परिचालन आय 2.8 प्रतिशत घटकर 2,267.1 करोड़ रुपये हो गई, पिछले साल समान अवधि में यह 2,464.6 करोड़ रुपये थी।

 

समूचे वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का घाटा कम होकर 1,422.4 करोड़ रुपये रह गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में घाटा 1,776.5 करोड़ रुपये था। पेटीएम का वार्षिक राजस्व करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 9,978 करोड़ रुपये हो गया, यह 2022-23 में 7,990.3 करोड़ रुपये था। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 15 मार्च से व्यापारियों सहित ग्राहकों के हित को ध्यान में रखते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को किसी भी ग्राहक खाते, वॉलेट और फास्टैग में जमा, क्रेडिट लेनदेन या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया है। पेटीएम ने पीपीबीएल पर आरबीआई के प्रतिबंध से 300-500 करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया था।

ईडी की रियल एस्टेट कंपनी IREO के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 59 करोड़ की संपत्ति अटैच की

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी आईआरईओ की 59 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। ईडी अब तक इस मामले में कंपनी और अन्य की 1300 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है। आईआरईओ कंपनी और इसके प्रमोटर्स के खिलाफ ईडी बीते कई वर्षों से जांच कर रही है। कंपनी और इसके प्रमोटर्स पर आरोप है कि उन्होंने घर खरीददारों को मकान, प्लॉट और कमर्शियल जगह बेचने का वादा कर उनसे पैसे लिए और न तो उन्हें घर दिए और न ही उनके पैसे वापस किए।

ईडी ने आईआरईओ कंपनी और अन्य के भूमि पार्सल के साथ ही कुछ बैंक खातों में जमा रकम को अटैच किया है। जिनकी कुल कीमत करीब 59 करोड़ रुपये है। कंपनी के निदेशकों पर आरोप है कि उन्होंने खरीददारों के पैसों को अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया और उनसे शेयर खरीद, एफसीडी आदि की खरीद की। साथ ही अपनी सहयोगी कंपनियों और लोगों को कर्ज दिए। कंपनी के मैनेजर्स को बहुत ज्यादा इंसेटिव्स दिए। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों और प्रमोटर्स ने खरीददारों के पैसों को डायवर्ट किया, जिसकी कीमत 1780 करोड़ रुपये है। ईडी ने इस मामले में आईआरईओ के प्रमोटर ललित गोयल और रूप बंसल को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इस मामले में दो चार्जशीट दायर की हैं।