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आम चुनाव के लिए जालना से मनोज जरांगे को टिकट देने की मांग, VBA ने MVA को दिया नाम का प्रस्ताव

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तमाम राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। जहां एक तरफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मंथन चल रहा है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी तैयारियां तेज कर दी है। इस बीच, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नाम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति तेज हो गई है

महाराष्ट्र स्थित वंचिव बहुजन आघाडी (वीबीए) के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने लोकसभा चुनाव के लिए सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नाम को महा विकास आघाडी की बैठक में प्रस्तावित किया है। उन्होंने मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल को उनके गृह जिला जालना से लोकसभा टिकट देने की मांग की है।

MVA को दिया गया काम, यह उनका फैसला- उदय सामंत
वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे का नाम प्रस्तावित करने पर महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि यह काम महा विकास आघाडी (एमवीए) को दिया गया है, यह उनका फैसला है। एक बार उन्हें फैसला करने दीजिए। हम केवल मनोज जरांगे पाटिल के बारे में बात कर रहे हैं।

मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है- रोहित पवार
एनसीपी संस्थापक शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने कहा कि मुझे बैठक के दौरान हुई चर्चा के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। सच बचाऊं तो मुझे वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) की मांगों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। इसमें कोई शक नहीं है कि प्रकाश आंबेडकर एक राज्य के बड़े नेता हैं।

देश में तेंदुओं का कुनबा बढ़ा, मध्य प्रदेश पहले स्थान पर, महाराष्ट्र में रहते हैं 1985 तेंदुए

भारत में तेंदुओं की आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में तेंदुओं की अनुमानित आबादी चार साल में बढ़कर 2022 में 13,874 हो गई, जो कि 2018 में 12,852 थी। हालांकि, 2018-24 के दौरान शिवालिक की पहाड़ियों और सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों में गुलाबी बिल्लियों की संख्या में कमी देखने को मिली है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को ‘भारत में तेंदुओं की स्थिति’ रिपोर्ट जारी की। जिसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश में तेंदुओं की संख्या सबसे अधिक है। 2022 की गणना के अनुसार प्रदेश में 3,907 तेंदुए हैं। 2018 में यहां 3,421 से अधिक तेंदुए थे। इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है। यहां गुलाबी बिल्लियों का कुनबा 2018 में 1,690 से बढ़कर 2022 में 1,985 हो गया है। वहीं कर्नाटक में तेंदुओं की संख्या बढ़कर 1,879 और तमिलनाडु में 1,070 हो गई है।

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि मध्य भारत में तेंदुओं की आबादी थोड़ी बढ़ी है। यहां वर्ष 2018 में 8,071 के मुकाबले 2022 में 8,820 तेंदुए पाए गए हैं। जबकि शिवालिक की पहाड़ियों और सिंधु-गंगा के मैदानों में गुलाबी बिल्लियों की संख्या में गिरावट देखी गई। इन क्षेत्रों में 2022 में 1,109 तेंदुए पाए गए, जबकि 2018 में यह संख्या 1,253 थी।

तेंदुओं की संख्या प्रति वर्ष 1.08 प्रतिशत की वृद्धि
बयान में कहा गया है कि पूरे भारत में 2018 और 2022 के दौरान तेंदुओं की संख्या प्रति वर्ष 1.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, शिवालिक की पहाड़ियों और गंगा के मैदानी इलाकों में इनकी संख्या में प्रति वर्ष 3.4 प्रतिशत की कमी आई है। जबकि मध्य भारत और पूर्वी घाट क्षेत्र में सबसे अधिक 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

‘आरोपी के लिए कोई सहानुभूति नहीं’, शाहजहां शेख पर सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट की टिप्पणी

संदेशखाली मामले में मुख्य आरोपी शाहजहां शेख पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कोर्ट को तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। यौन उत्पीड़न और भूमि मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उनके वकील को चार मार्च को अदालत के सामने पेश होने के लिए कहा है।

हमें आरोपी के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है- कोर्ट
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने उन्हें सोमवार को उसके सामने पेश होने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर शाहजहां शेख ने वकील को वकालतनामा दिया होता तो उसके ठिकाने का पता चल जाता। बता दें वकालतनामा एक दस्तावेज है जिसके द्वारा वकील को अदालत के समक्ष उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत करता है।

शाहजहां शेख को बंगाल पुलिस ने किया गिरफ्तार
गौरतलब है कि यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपी शाहजहां शेख को राज्य पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया था। शाहजहां शेख के वकील ने कहा कि उनके द्वारा की गई अग्रिम जमानत की अपील दो दिन पहले खारिज कर दी गई थी और उनके द्वारा किए गए चार अन्य आवेदन अभी भी अदालतों के समक्ष लंबित थे। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख के खिलाफ 42 मामले लंबित है।

इंद्राणी मुखर्जी पर बनी वेब सीरीज की रिलीज का रास्ता साफ, CBI की याचिका खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को मुंबई के बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड और इंद्राणी मुखर्जी पर आधारित वेब-सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सीबीआई की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि शीना बोरा की हत्या की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी पर आधारित नेटफ्लिक्स बेव-सीरीज में अभियोजन पक्ष (सीबीआई) के खिलाफ कोई बात नहीं मिली है। अदालत के इस फैसले से सीरीज को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने का रास्ता साफ हो गया है।

जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सीबीआई ने शीना बोरा हत्याकांड की सुनवाई पूरी होने तक वेब-सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पीठ ने कहा कि उसने सीरीज देखी है, लेकिन इसमें ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिससे मुकदमे या अभियोजन पक्ष पर विपरीत प्रभाव पड़े।

‘द इंद्राणी मुखर्जी स्टोरी: द बरीड ट्रुथ’ नाम की वेब-सीरीज का प्रीमियर 23 फरवरी को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर होने वाला था। लेकिन सीबीआई की याचिका पर हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते नेटफ्लिक्स को सीबीआई अधिकारियों और वकीलों के लिए सीरीज की स्पेशल स्क्रीनिंग आयोजित करने का निर्देश दिया था। नेटफ्लिक्स ने अदालत को सूचित किया था कि वह गुरुवार (29 फरवरी) तक सीरीज की स्ट्रीमिंग नहीं करेगा।

हिंदू मंदिरों से जुड़ा बिल विधानसभा से हुआ पारित, विधान परिषद में पास नहीं होने के बाद फिर हुआ था पेश

कर्नाटक का मंदिरों से जुड़ा एक विधेयक इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक, 2024 पिछले सप्ताह विधान परिषद में पास नहीं हो सका। पुनर्विचार के लिए इसे विधानसभा भेजा गया, जिसे फिर से एक बार कर्नाटक विधानसभा ने पास कर दिया।

फिर से विधानसभा में पास किया हिंदू मंदिरों से जुड़ा विधेयक
गौरतलब है कि कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती(संशोधन) विधेयक, 2024 को अब सीधे राज्यपाल के पास उनकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद जो कानून बन जाएगा। बता दें 21 फरवरी को विधानसभा द्वारा पारित किए जाने के बाद यह विधेयक 23 फरवरी को विधान परिषद में पेश किया गया था, जहां ध्वनि मत से इसे विपक्ष ने खारिज कर दिया।

गुरुवार को विधानसभा में विधेयक को पेश करते हुए मुजराई मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा, विधेयक पहले विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, लेकिन परिषद में पास न हो सकता, मैं विधानसभा से अनुरोध करता हूं कि एक बार विधेयक को पारित कर दिया जाए। इसके बाद कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर यूटी खादर ने विधेयक को मतदान के लिए रखा और जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

विधानसौधा में हंगामा, विपक्षी नेता ने की पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने वालों की गिरफ्तारी की मांग

कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की जीत के बाद पाकिस्तान समर्थक नारे लगने का मामला बढ़ता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन के पाकिस्तान समर्थक नारे के एक कथित वीडियो पर भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विधानसौधा में हंगामा मच गया। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इस मामले में नारा लगाने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग की।

भाजपा नेता आर. अशोक ने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, “सिद्धारमैया की सरकार बंगलूरू में 500 करोड़ रुपये से अधिक पशुपालन संपत्तियां अल्पसंख्यकों को दे रही है। यह एक बड़ा घोटाला है। भाजपा विधानसौधा के भीतर और बाहर प्रदर्शन करेगी।”

क्या है मामला
गौरतलब है, कर्नाटक की चार सीटों पर हुए मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के नतीजों में तीन सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई। कर्नाटक में कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार अजय माकन, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और जीसी चन्द्रशेखर क्रमश: 47, 46 और 46 वोटों से जीते। हालांकि, अब जीत के जश्न को लेकर अब बवाल मच गया है।

दरअसल, भाजपा ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ ही देर बाद सैयद नसीर हुसैन के समर्थकों को विधान सौध (विधानसभा) के अंदर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सुना गया है।

‘मजबूरी में करना पड़ा गिरफ्तार..’, शाहजहां शेख के पकड़े जाने पर बोली भाजपा, तृणमूल पर लगाए आरोप

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा मामले में आरोपी शाहजहां शेख को पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। अब इस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को घेरा है। बंगाल में पार्टी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि भाजपा और संदेशखाली की महिलाओं के आंदोलन ने बंगाल सरकार को घुटनों पर ला दिया और इसी के चलते उन्हें मजबूरन शाहजहां शेख को गिरफ्तार करना पड़ा।

क्या बोले भाजपा नेता?
सुकांत मजूमदार ने कहा, “भाजपा के लगातार आंदोलन की वजह से यह सरकार मजबूर हुई शाहजहां शेख को गिरफ्तार करने के लिए। पहले से ही यह सरकार स्वीकार ही नहीं कर रही थी कि ऐसा कुछ (संदेशखाली में) हुआ है। हमने पहले ही कहा था कि सरकार को बाध्य करेंगे, घुटनों पर ले आएंगे कि वे शेख शाहजहां को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर हो जाएं। आज भाजपा के आंदोलन और संदेशखाली की माताओं-बहनों के आंदोलन की वजह से सरकार और ममता बनर्जी मजबूर हुई हैं शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के लिए।”

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “आज टीएमसी किस बात पर इतरा रही है? जब भाजपा संदेशखाली की महिलाओं की आवाज़ बनी और कोर्ट ने बार-बार फटकार लगाई तब जाकर तृणमूल ने शाहजहां शेख की गिरफ्तारी कराई। यह सिर्फ आंखों का धोखा है, यह कॉस्मेटिक है। यह प्रमाण है कि उसे राज्य द्वारा संरक्षण मिल रहा था। विधानसभा से लेकर हर जगह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने शाहजहां शेख को क्लीनचीट दी। प्रियंका गांधी और INDI गठबंधन के अन्य नेता क्या अब इस मुद्दे पर बोलेंगे?”

हर राज्य ने 2023 में कम से कम एक बार मौसम की बुरी मार झेली; हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित

वर्तमान में तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण ही लू, बढ़ता पारा, पिघलते ग्लेशियर, बाढ़, तूफान जैसी कठोर मौसमी घटनाएं बढ़ रही हैं। इस बीच, सीएसई की हालिया रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2003 में भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों ने कम से कम एक दिन का असामान्य मौसम घटनाएं देखी। बुधवार को जारी मौसमी घटनाओं से जुड़ी एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वर्ष 2023 में 365 दिनों में से 318 दिनों में असामान्य मौसम की घटनाएं दर्ज की गईं।

2.21 मिलियन हेक्टेयर फसल बर्बाद
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की ‘स्टेट ऑफ एनवायरनमेंट 2024’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मौसमी घटनाओं के चलते 3,287 लोगों ने जान गंवाई, 1.24 लाख जानवरों की मौत और 2.21 मिलियन हेक्टेयर फसल क्षेत्र को खासा नुकसान पहुंचा। हिमाचल प्रदेश में असामान्य मौसमी घटनाएं की सबसे अधिक संख्या 149 दर्ज की गई, इसके बाद मध्य प्रदेश में 141 और केरल और उत्तर प्रदेश में 119 प्रत्येक दिन दर्ज किए गए।

बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने की हुई घटनाएं
जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, आठ राज्यों में 100 से अधिक दिनों तक असामान्य मौसमी घटनाएं दर्ज की गई। 2023 में 208 दिनों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन दर्ज किया गया। 2023 में 202 दिन बिजली और तूफान आए, 49 दिन लू चली, 29 दिन शीत लहर चली और नौ दिन बादल फटे। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने जून और सितंबर 2023 के बीच लगातार 123 दिनों तक चरम मौसम की घटनाओं को दर्ज किया गया था।

उम्मीदवारों के नाम पर भाजपा में मंथन, पहली लिस्ट में इन सीटों पर रहेगा फोकस

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मंथन शुरू कर दिया है। बुधवार को इसे लेकर अहम बैठकें हुईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ बुधवार को अलग-अलग बैठक कर रहे हैं। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने आज मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के नेताओं के साथ बैठक की। गौरतलब है कि भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक गुरुवार यानी कि 29 फरवरी को होनी है, जिसमें भाजपा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट फाइनल हो सकती है।

पहली लिस्ट में ही हो सकता है पीएम मोदी का नाम
भाजपा की पहली लिस्ट में ही पीएम मोदी और अमित शाह जैसे शीर्ष नेताओं का नाम शामिल हो सकता है। इनके अलावा पहली लिस्ट में भाजपा उन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर सकती है, जिन सीटों पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव के समय भाजपा ने चुनाव आयोग द्वारा तारीख के एलान के बाद अपनी पहली लिस्ट जारी की थी। हालांकि बीते साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के पैटर्न को देखें तो भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट चुनाव की तारीख के एलान से पहले ही जारी कर दी थी। ऐसे में माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में भी भाजपा इसी पैटर्न पर चलते हुए चुनाव तारीख का एलान होने से पहले ही अपनी पहली लिस्ट जारी कर सकती है।

राज्यों के स्तर पर की जा रही रायशुमारी
पार्टी ने राज्य स्तर पर भी लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू कर दिया है। इसे लेकर पार्टी नेतृत्व पार्टी पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, विधायकों और पूर्व सांसदों आदि से संभावित उम्मीदवारों के नाम मांग रही है। साथ ही विभिन्न नेता रायशुमारी के लिए अलग-अलग जिलों का भी दौरा कर रहे हैं। बीते दिनों पीएम मोदी ने आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के 370 और एनडीए के 400 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया था। ऐसे में पार्टी उम्मीदवारों के चयन में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है और सिर्फ जिताऊ चेहरों पर ही दांव लगाने की तैयारी कर रही है।

राजीव गांधी हत्या मामले में दोषी संथान का निधन, पूर्व पीएम के नाम वाले अस्पताल में तोड़ा दम

राजीव गांधी के हत्या के मामले में दोषी पाए गए टी सुथेंद्रराजा उर्फ संथान की बुधवार को तमिलनाडु के एक सरकारी अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया है कि उसे चेन्नई स्थित राजीव गांधी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल के डीन ई. थेरानीराजन ने बताया कि संथान का यहां लिवर फेल होने का इलाज जारी था। उसका सुबह 7.50 बजे निधन हो गया। उसे सुबह करीब 4 बजे कार्डिएक अरेस्ट हुआ। हालांकि, सीपीआर के जरिए उसे बचा लिया गया। उसे वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सप्लाई में रखा गया था। हालांकि, उसका शरीर इलाज पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, संथान का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद उसके शव को श्रीलंका भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि सजा काटने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संथान की रिहाई के आदेश दिए थे। हालांकि, श्रीलंका निर्वासित करने के लिए उसे अन्य रिहा दोषियों के साथ त्रिची स्पेशल कैंप में रखा गया था। बीते हफ्ते ही विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) ने 56 वर्षीय संथान के श्रीलंका निर्वासन के लिए आपात यात्रा दस्तावेजों को मंजूरी दी थी।