Friday , March 1 2024

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दोषी को जहरीला इंजेक्शन लगाने के लिए नस नहीं ढूंढ पाई मेडिकल टीम, मौत की सजा पर लगी रोक

इडाहो में एक सीरियल कीलर को मौत की सजा देने के दौरान एक अजीबोगरीब घटना घटी। दरअसल, मेडिकल की एक टीम दोषी को इंजेक्शन देने से पहले सुई लगाने के लिए नस ही नहीं ढूंढ पाई, जिसके बाद उसकी सजा को रोक दी गई।

मेडिकल टीम की असफल प्रयासों के बाद रोकी गई सजा
अधिकारियों ने बताया कि 73 वर्षीय दोषी थॉमस क्रीच को एक घंटे के लिए मौत की सजा दी जाने वाली कक्ष में मेज पर बांधकर रखा गया था। मेडिकल की टीम सुई डालने के लिए बार बार उसके नस को ढूंढने का प्रयास कर रही थी। इडाहो सुधार विभाग (आईडीओसी) के निदेशक जोश तेवाल्ट ने बताया कि दोषी के हाथों और पैर में आईवी लाइन खींचने के लिए आठ बार प्रयास के बाद मौत की सजा को रोक दिया गया।

तेवाल्ट ने आगे कहा, “अब हमें समय सीमा और अगले कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ये ऐसी चीजें हैं जिसपर बाद में चर्चा होगी।” स्थानीय पत्रकार ब्रेंडा रॉडरिग्स ने बताया कि दोषी को इस दौरान कोई दर्द नहीं हुआ, लेकिन बार-बार प्रयासों के बाद उसने एक समय मेडिकल कर्मचारी को बताया कि उसके पैर में थोड़ा दर्द हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, “लगातार प्रयासों में असफलता के बाद मौत की सजा को रोक दी गई। सजा रोकने के दौरान दोषी ऊपर की तरफ देख रहा था। वह कुछ कह रहा था, जिसे मैं सुन नहीं पाई।”

इडालो में 12 वर्षों में मौत की सजा पाने वाला पहला व्यक्ति
थॉमस क्रीच 1981 में बैटरी से भरे मोजे से अपने सेलमेट की हत्या करने के आरोप में 40 से अधिक साल से सजा काट रहा था। पिछले 12 वर्षों में इडाहो में मौत की सजा पाने वाला वह पहला व्यक्ति है। क्रीच को पांच हत्याओं के मामले में सजा सुनाई गई थी।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका, इलिनॉय राज्य के प्राथमिक चुनाव के लिए भी अयोग्य घोषित

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बुधवार को कैपिटल हिल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली। शीर्ष अदालत उनकी दलीलों को सुनने पर सहमत हुआ। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले को लेकर इलिनॉय राज्य में एक स्थानीय अदालत से उन्हें झटका लगा। अदालत ने ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाले प्राथमिक मतदान से बाहर करने का आदेश दिया है। इससे पहले मेन और कोलाराडो राज्य भी ट्रंप को राज्य के प्राथमिक मतदान के लिए अयोग्य घोषित कर चुके हैं। इलिनॉय में 19 मार्च को प्राथमिक चुनाव होंगे।

न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने एक विद्रोह में भाग लिया था। इसलिए उन्हें राज्य के मतपत्र में रहने की अनुमति नहीं है। छह जनवरी 2021 को कैपिटल हिल की हिंसा में ट्रंप की भूमिका को लेकर उन्हें इलिनॉय में प्राथमिक चुनाव से बाहर किया गया।

इलिनॉय कुक काउंटी सर्किट की न्यायाधीश ट्रेसी पोर्टर ने ट्रंप को अपील करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया। न्यायाधीश ने अपना फैसला 14वें संशोधन के एक प्रावधान के आधार पर लिया। इस संशोधन की धारा 3 व्यक्ति को सार्वजनिक पद तक पहुंचने से रोकती है। इसके तहत उन लोगों को मतदान से रोका जाता है, जो एक बार संविधान को बचाने का वचन देकर बगावत में शामिल होते हैं।

पाकिस्तान नेशनल असेंबली का पहला सत्र शुरू, कार्यवाहक सरकार से विवाद के बीच मिली राष्ट्रपति से मंजूरी

पाकिस्तान की नवनिर्वाचित संसद ने गुरुवार को अपना पहला सत्र शुरू कर दिया है। कार्यवाहक सरकार के साथ चल रहे मतभेदों के बाद राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने आखिरकार विधानसभा सत्र बुलाया है। दोनों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को आरक्षित सीटें आवंटित किए जाने के मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा था। पिछली संसद के निवर्तमान अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ की अध्यक्षता में उद्घाटन सत्र एक घंटे से अधिक की देरी के बाद शुरू हुआ।

पोस्ट में कही ये बात
एक्स अकाउंट पर जारी बयान में कहा गया, ‘कुछ आपत्तियों के अधीन, राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 54(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 29 फरवरी को नेशनल असेंबली बुलायी है।’

बता दें कि कि राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 91 (2) में दी गई समयसीमा के जनादेश और निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए और कुछ आरक्षणों के अधीन और 21वें दिन से पहले आरक्षित सीटों के मुद्दे के समाधान की उम्मीद करते हुए अपनी मंजूरी दे दी।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को अल्वी द्वारा उठाई गई आपत्तियों को सीरे से खारिज कर दिया था। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली सत्र चुनाव के 21 दिनों के भीतर होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 91 के तहत, नेशनल असेंबली के पहले सत्र की जरूरी तारीख 29 फरवरी है।

अल्वी के खिलाफ दो मामले करेंगे दर्ज- बिलावल
इस मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने मगंलवार को कहा कि संविधान की अवज्ञा करने पर अल्वी के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की जाएंगी। बिलावल ने कहा कि राष्ट्रपति अल्वी के खिलाफ दो मामले दर्ज किए जाएंगे। पहला, 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर नेशनल असेंबली को भंग करने के लिए होगा। दूसरा, नेशनल असेंबली सत्र न बुलाकर संविधान की अवज्ञा करने के लिए होगा।

विपक्षी पार्टी ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ने को शुरू की ‘लेबर इंडियंस’ पहल, लैमी ने भारत को बताया महाशक्ति

ब्रिटेन में इस साल के आखिर में होने वाले आम चुनाव में विपक्षी लेबर पार्टी अपनी नैया पार लगाने के लिए ब्रिटिश भारतीयों को साधने में जुट गई है। लेबर पार्टी ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और सत्ता में आने के बाद एक साल में भारत के साथ बातचीत को मजबूत करने के मकसद से नया प्रवासी आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया है। लेबर पार्टी के विदेश मामलों के सचिव डेविड लैमी ने लंदन में संसद भवन परिसर में ‘लेबर इंडियंस’ पहल का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने अपनी हालिया भारत यात्रा का जिक्र किया। साथ ही लैमी ने लेबर पार्टी के आगामी चुनाव में जीतने पर भारत-ब्रिटेन साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को साझा किया। भारत को महाशक्ति बताते हुए लैमी ने कहा कि भारत की रणनीतिक साझेदारी दलगत राजनीतिक से परे है। उन्होंने कहा, उद्यमशीलता, इनोवेशन, वैज्ञानिक, औद्योगिक आधार और बड़ी आबादी के साथ एक महाशक्ति है।

लैमी ने कहा, हालांकि भारत के सामने अभी भी चुनौतियां हैं। लेकिन मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस भू-राजनीतिक समय में ब्रिटेन को यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है कि भारत दुनिया की एक महाशक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि भारत के प्रधानमंत्री कौन हैं और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कौन हैं, क्योंकि रणनीतिक रूप से दोनों देशों के बीच बहुत मजबूत संबंध हैं।

मथुरा पहुंचे राजकुमार चाहर, पहले ट्रैक्टर का पूजन; फिर टटोला किसानों का मन

मथुरा के सौंख में ग्राम परिक्रमा यात्रा के कार्यक्रम में आए किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के लिए एमएसपी कानून बनाया है। इससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रत्येक गरीब किसान को मकान और शौचालय देने का काम किया है। किसान सम्मान निधि देकर भाजपा ने किसानों को गौरव बढ़ाया है।

बृहस्पतिवार को नैनूपट्टी के गांव नगला घनिया में भाजपा किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित ग्राम परिक्रमा यात्रा कार्यक्रम में मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने किसानों से संवाद किया। उन्होनें कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करके किसानों को दिल जीता है। ये सम्मान भारत के करोड़ों किसानों का सम्मान है। किसानों की खेती डिजीटल मशीनें तैयार कर फसल का कार्य आसान कर दिया है। किसानों को यंत्र की खरीद पर सब्सिडी देने का कार्य किया है।

उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान में ग्राम परिक्रमा यात्रा देश के कोने-कोने तक जा रही है। सरकार ने किसानों के हितों को लेकर विभिन्न योजना तैयार की हैं। जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। भूतपूर्व सैनिक सम्मान, शहीद सम्मान व प्रगतिशील किसान सम्मान देते हुए परिक्रमा यात्रा निकाल रहे हैं। किसान मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को सुन रहे हैं। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने किसानों की पहचान ट्रैक्टर का पूजन किया।

ये रहे मौजूद
किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रशांत पोनिया, बृजक्षेत्र महामंत्री नगेंद्र सिकरवार, सहकारी बैंक के चेयरमैन निरंजन सिंह धनगर, महानगर अध्यक्ष घनश्याम लोदी, केबिनेट केबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रधान, महामंत्री सुरेश तरकर, चेयरमैन योगेश लंबरदार, दीपक चौधरी, हीरा सिंह, जिला मंत्री मनोज सोनोेंट, प्रधान जुगल पटेल, वीरपाल सिंह, नीरज चाहर, मदन लाल, पालेंद्र सिंह, विजय सिंह, दौलतराम, पूर्व मंडल अध्यक्ष सतेंद्र चौधरी, अमित सिंह, राधेश्याम सिंह, जगवीर सिंह आदि उपस्थित थे।

सीएम योगी के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी का बढ़ाया गया कार्यकाल, फरवरी 2025 तक बने रहेंगे पद पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।अब वह 28 फरवरी 2025 तक अपने पद पर बने रहेंगे। इसकी स्वीकृति राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दे दी है। आईएएस अवनीश कुमार अवस्थी योगी सरकार में अपर मुख्य सचिव के पद पर भी रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद मुख्यमंत्री योगी के प्रशासनिक सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं।

रेलवे लाइन पार कर रहे सगे भाइयों समेत तीन की ट्रेन से कटकर मौत, नैनी के पचदेवरा में हुआ हादसा

नैनी कोतवाली क्षेत्र के पचदेवरा में बुधवार की रात करीब 10 बजे रेल पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब दोनों बाजार से सामान लेकर वापस लौट रहे थे। दोनों भाई मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। यहां रहकर मजदूरी करते थे।

मध्य प्रदेश के झबुआ के रहने वाले मजदूर मांजू भूरिया (38) और उसका भाई रामसू भूरिया (26) परिवार के साथ पचदेवरा में रहते थे। वह चार भाइयों में पहले और तीसरे नंबर के थे। वह पचदेवरा में बन रही रेलवे की तीसरी लाइन के बिछाने का का कार्य करते थे। दोनों ठेकेदार मान सिंह की देखरेख में काम करते थे। बुधवार की रात वह सामान लाने के लिए बाजार गए थे।

लौटते समय पचदेवरा में रेलवे पटरी पार करते समय दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंच गई। शिनाख्त होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसी तरह पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मंदरदेह माफी के रहने वाले इरफान (20) की बुधवार देर रात ट्रेन ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

IAS अभिषेक भाजपा के टिकट पर इस सीट से लड़ सकते हैं चुनाव, फिल्मी दुनिया में भी रह चुके हैं एक्टिव

जौनपुर जिले के केराकत तहसील के टिसौरा गांव निवासी आईएएस अभिषेक सिंह का इस्तीफा आखिरकार गुरुवार को मंजूर हो गया। अभिषेक ने अक्तूबर 2023 में इस्तीफा दिया था। जिसे केंद्र सरकार की संस्तुति के बाद प्रदेश सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। चर्चा के मुताबिक अब अभिषेक चुनावी मैदान में जोर आजमाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि अभिषेक भारतीय जनता पार्टी के टिकट से जौनपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं।

पूर्व आईएएस अभिषेक बीते दो महीनों से जिले में लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। समाजसेवा में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद से ही उन्होंने जौनपुर के लोगों के लिए निषाद रथ यात्रा शुरू की है जो बीते सात फरवरी से निरंतर संचालित हो रही है। इसके अलावा उन्होंने जिले के लोगों के लिए फ्लाइट टिकट बुकिंग पर छूट, उनके द्वारा शुरू की गई वीडियो व रील प्रतियोगिता में विजेताओं को बाइक दे रहे हैं। साथ ही आए दिन भंडारे, जनता दर्शन आदि भी कर रहे हैं।

इन सब को लेकर पहले से ही लोग उनके चुनाव में उतरने की कयास लगा रहे थे। फिलहाल अभिषेक दिल्ली में हैं और वे जल्द ही जौनुपर लौटेंगे। पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पिता कृपाशंकर सिंह पूर्व आईपीएस थे। उनकी पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल भी आईएएस हैं और वर्तमान में बांदा की जिलाधिकारी हैं।

2011 में हुई थी नौकरी की शुरुआत
आईएएस अभिषेक सिंह ने 2011 में नौकरी की शुरुआत की थी। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 94वीं रैंक हासिल की थी। साल 2013 में उन्हें झांसी में बतौर जॉइंट मजिस्ट्रेट तैनाती मिली। साल 2014 में उन्हें सस्पेंड किया गया और साल 2015 में प्रतिनियुक्त कर तीन साल के लिए दिल्ली भेजे गए। अभिषेक ने मेडिकल लीव ली और लंबे समय तक नौकरी पर नहीं लौटे। इसको देखते हुए मार्च 2020 में फिर से उनका तबादला कर उन्हें यूपी भेजा गया। इसके बाद भी उन्होंने काफी दिनों तक ज्वाइन नहीं किया।

आम चुनाव के लिए जालना से मनोज जरांगे को टिकट देने की मांग, VBA ने MVA को दिया नाम का प्रस्ताव

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तमाम राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। जहां एक तरफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मंथन चल रहा है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी तैयारियां तेज कर दी है। इस बीच, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नाम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति तेज हो गई है

महाराष्ट्र स्थित वंचिव बहुजन आघाडी (वीबीए) के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने लोकसभा चुनाव के लिए सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नाम को महा विकास आघाडी की बैठक में प्रस्तावित किया है। उन्होंने मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल को उनके गृह जिला जालना से लोकसभा टिकट देने की मांग की है।

MVA को दिया गया काम, यह उनका फैसला- उदय सामंत
वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे का नाम प्रस्तावित करने पर महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि यह काम महा विकास आघाडी (एमवीए) को दिया गया है, यह उनका फैसला है। एक बार उन्हें फैसला करने दीजिए। हम केवल मनोज जरांगे पाटिल के बारे में बात कर रहे हैं।

मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है- रोहित पवार
एनसीपी संस्थापक शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने कहा कि मुझे बैठक के दौरान हुई चर्चा के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। सच बचाऊं तो मुझे वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) की मांगों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। इसमें कोई शक नहीं है कि प्रकाश आंबेडकर एक राज्य के बड़े नेता हैं।

देश में तेंदुओं का कुनबा बढ़ा, मध्य प्रदेश पहले स्थान पर, महाराष्ट्र में रहते हैं 1985 तेंदुए

भारत में तेंदुओं की आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में तेंदुओं की अनुमानित आबादी चार साल में बढ़कर 2022 में 13,874 हो गई, जो कि 2018 में 12,852 थी। हालांकि, 2018-24 के दौरान शिवालिक की पहाड़ियों और सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों में गुलाबी बिल्लियों की संख्या में कमी देखने को मिली है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को ‘भारत में तेंदुओं की स्थिति’ रिपोर्ट जारी की। जिसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश में तेंदुओं की संख्या सबसे अधिक है। 2022 की गणना के अनुसार प्रदेश में 3,907 तेंदुए हैं। 2018 में यहां 3,421 से अधिक तेंदुए थे। इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है। यहां गुलाबी बिल्लियों का कुनबा 2018 में 1,690 से बढ़कर 2022 में 1,985 हो गया है। वहीं कर्नाटक में तेंदुओं की संख्या बढ़कर 1,879 और तमिलनाडु में 1,070 हो गई है।

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि मध्य भारत में तेंदुओं की आबादी थोड़ी बढ़ी है। यहां वर्ष 2018 में 8,071 के मुकाबले 2022 में 8,820 तेंदुए पाए गए हैं। जबकि शिवालिक की पहाड़ियों और सिंधु-गंगा के मैदानों में गुलाबी बिल्लियों की संख्या में गिरावट देखी गई। इन क्षेत्रों में 2022 में 1,109 तेंदुए पाए गए, जबकि 2018 में यह संख्या 1,253 थी।

तेंदुओं की संख्या प्रति वर्ष 1.08 प्रतिशत की वृद्धि
बयान में कहा गया है कि पूरे भारत में 2018 और 2022 के दौरान तेंदुओं की संख्या प्रति वर्ष 1.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, शिवालिक की पहाड़ियों और गंगा के मैदानी इलाकों में इनकी संख्या में प्रति वर्ष 3.4 प्रतिशत की कमी आई है। जबकि मध्य भारत और पूर्वी घाट क्षेत्र में सबसे अधिक 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।