Sunday , March 3 2024

विदेश

इमरान समर्थित SIC ने राष्ट्रपति पद के लिए इस शख्स को मैदान में उतारा, जरदारी से होगा मुकाबला

इमरान खान की पार्टी द्वारा समर्थित सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) ने शनिवार को राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी। वह पश्तून ख्वा मिल्ली अवामी पार्टी के प्रमुख महमूद खान अचकजई को चुनावी मैदान में उतारेंगे। हालांकि, 75 साल के अचकजई पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता आसिफ अली जरदारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

68 साल के जरदारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और केंद्र में सरकार बनाने जा रहे गठबंधन के अन्य राजनीतिक दलों के संयुक्त उम्मीदवार हैं।

इमरान खान ने अपने सांसदों से वोट देने का किया आग्रह
रिपोर्ट के अनुसार, पश्तून ख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (पीकेएमएपी) के प्रमुख अचकजई ने बलूचिस्तान के किला अब्दुल्ला-सह-चमन में एनए -266 निर्वाचन क्षेत्र से नेशनल असेंबली सीट जीती है। राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार अचकजई के लिए रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी अपनी पार्टी के सांसदों से मतदान करने का आग्रह किया है।

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को IMF की सिफारिशें, राजस्व प्राप्त करने के लिए कर बढ़ाने की दी राय

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अतिरिक्त राजस्व हासिल करने के लिए कई सिफारिशें की है। शनिवार को आईएमएफ ने पाकिस्तान सरकार को कर बढ़ाने, कर स्लैब कम करने और पेंशनभोगियों को निजी नियोक्ताओं के योगदान पर कर छूट खत्म करने जैसे कई कदम उठाने की सिफारिश की है।

अगर मानी गई सिफारिश तो पाकिस्तान को होगा लाभ- IMF
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान लगाया है कि अगर व्यक्तिगत आयकर पर सिफारिशों को पूरी तरह से लागू किया गया, तो इससे सकल घरेलू उत्पाद का 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है, जो वार्षिक आधार पर पाकिस्तानी 500 अरब रुपये के बराबर है।

सिफारिश में कर स्लैब कम करने की सिफारिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) को आईएमएफ की सिफारिशें स्वीकार किए जाने पर वेतनभोगी और गैर वेतनभोगी वर्गों के लिए कर का बोझ दोगुना हो जाएगा। एफबीआर ने चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों (जुलाई-फरवरी) में अब तक वेतनभोगी वर्ग से 215 अरब पाकिस्तानी रुपये इकट्ठा किए हैं।

पीपीपी के सरफराज बुगती बने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री, बोले- विकास के लिए विपक्ष को भी लाएंगे साथ

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार सरफराज बुगती को शनिवार को बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। बुगती गर्वनर हाउस में शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेंगे। गौरतलब है कि उनके पक्ष में 41 वोट पड़े थे। उन्हें बलूचिस्तान के गवर्नर अब्दुल वली काकर नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री को शपथ दिलाएंगे।

पीपीपी के उम्मीदवार को पीएमएल-एन का समर्थन
इसके अलावा, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेताओं ने भी उनका समर्थन किया है, जिनमें नवाब सनाउल्लाह खान जहरी और सरदार सरफराज चकर डोमकी भी शामिल हैं। बता दें सरफराज बुगती ने पिछले साल दिसंबर में कार्यवाहक आंतरिक मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया और बिलावल के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल हो गए।

सफराज बुगती बोले- पीपीपी बातचीत में विश्वास रखती है
शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र जमा करने के बाद सरफराज बुगती ने कहा कि पीपीपी बातचीत में विश्वास करती है और उसने हमेशा बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान किया है। उन्होंने असंतुष्ट लोगों से मुख्यधारा में शामिल होने और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया।

हेली को ट्रंप समर्थकों का झेलना पड़ा विरोध, कहा- आपके पूर्व बॉस का एक और कार्यकाल देश को अराजकता…

अमेरिका में इस साल राष्ट्रपति का चुनाव होना है। इसके लिए सभी उम्मीदवार बढ़-चढ़कर तैयारियां कर रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राष्ट्रपति पद की रिपब्लिकन उम्मीदवार निक्की हेली ने अपने प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने ट्रंप के चाहने वालों से कहा कि उनके पूर्व बॉस का एक और कार्यकाल देश को अगले चार साल के लिए अराजकता में धकेल देगा।

हेली गुरुवार को वर्जीनिया के रिचमंड और फॉल्स चर्च में आयोजित राजनीतिक रैलियों को संबोधित कर रही थीं।

1,215 डेलीगेट की जरूरत
बता दें, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के लिए ट्रंप और हेली को कम से कम 1,215 डेलीगेट की जरूरत है। पांच राज्यों आयोवा, न्यू हैंपशायर, नेवादा, दक्षिण कैरोलिना और मिशिगन में प्राइमरी चुनाव के बाद ट्रंप के पास 122 डेलीगेट हैं जबकि हेली के पास 24 डेलीगेट हैं। वहीं सर्वेक्षणों की निगरानी करने वाली रियल क्लियर पॉलिटिक्स के अनुसार, रिचमंड और फॉल्स चर्च में उनकी दोनों रैलियों में प्रदर्शनकारियों ने भाग लिया और कई लोगों ने कहा कि वे 77 वर्षीय ट्रंप के समर्थक हैं।

खुद के सिवा किसी की परवाह नहीं
रैलियों के दौरान हेली ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह अपने सिवा किसी के बारे में परवाह नहीं करते हैं। न उन्हें देश की परवाह है और नहीं यहां के लोगों की। पूर्व राष्ट्रपति के समर्थन में उठती आवाजों पर उन्होंने कहा कि ट्रंप को राष्ट्रपति के रूप में चुनने का मतलब है कि अमेरिका में चार साल तक अराजकता का माहौल रहेगा।

मैं अपने बच्चों और आपके बच्चों के लिए…
उन्होंने कहा, ‘हर कोई यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर मैं यह चुनाव क्यों लड़ रही हूं, तो जवाब यह है कि मैं अपने बच्चों और आपके बच्चों के लिए ऐसा कर रही हूं।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप और मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने देश की अर्थव्यवस्था को खराब कर दिया है। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में एक अकाउंटेंट रखने का समय आ गया है। इस पर वहां मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।

ईरान के लोग आज चुनेंगे अपना राष्ट्रपति, 59 हजार मतदान केंद्रों पर वोटिंग शुरू

शिया मुस्लिम बहुल देश ईरान में एक मार्च यानी आज संसदीय चुनाव हो रहे हैं। आज लोग देश के सर्वोच्च नेता यानी राष्ट्रपति को चुनने के लिए मतदान करेंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। 2020 के संसदीय चुनावों के बाद देश काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस चुनाव को लोकतांत्रिक सुधार, पश्चिमी देशों के साथ तकरार और खराब अर्थव्यवस्था की कसौटी पर परखा जा रहा है। आइए, जानते हैं इसका पूरा हाल-

कैसे होते हैं चुनाव?
ईरान में हर चार साल में फ़्रांसीसी चुनाव प्रणाली की तर्ज पर चुनाव होते हैं। पहले दौर के मतदान में अगर किसी उम्मीदवार को 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले, तो दूसरे दौर में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के लिए वोट डाले जाते हैं।

कौन मतदान कर सकता है और कब?
मतदाताओं की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। करीब 8.5 करोड़ आबादी वाले देश में 6.12 करोड़ से अधिक लोग मतदान करने के पात्र हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे से वोट डलने शुरू हो जाएंगे और 10 घंटे तक मतदान केंद्र खुला रहेगा। हालांकि, अगर पहले के चुनाव देखे जाए तो अक्सर मतदान करने का समय मांग के अनुसार बढ़ा दिया जाता है।

मतदान केंद्र और सुरक्षा उपाय
देशभर में 59 हजार मतदान केंद्र होंगे। इसमें से तेहरान में पांच हजार और तेहरान के व्यापक प्रांत में 6,800 केंद्र बनाए गए हैं।1,700 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने सेना के साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और उसके बासिज बलों को निगरानी के लिए तैनात किया है। बताया जा रहा है कि ढाई लाख सुरक्षाबल के जवानों को तैनात किया गया है।

‘शॉपिंग मॉल में नहीं थे कोई भी सुरक्षा उपकरण’, आगजनी की घटना पर बोले फायर ब्रिगेड के अधिकारी

देर रात बांग्लादेश में सात मंजिला शॉपिंग मॉल में आग लग गई थी। इस भीषण आगजनी में कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मामले की जांच करते हुए कहा कि सात मंजिला शॉपिंग मॉल में आग से बचने के लिए सुरक्षा उपाय नहीं थे। उन्होंने कहा कि मालिकों को पहले ही तीन नोटिस दिए जा चुके थे लेकिन उनकी तरफ से कोई खास कदम नहीं उठाए गए थे। ये हादसा उनकी गलतियों के कारण सामने आया है।

हादसे में 45 लोगों ने गंवाई जान, 22 घायल
नई आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, देर रात शॉपिंग मॉल में आग लगी, जिसमें 45 लोगों की मौत हो गई, 22 अन्य घायल हो गए। अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल एमडी मेन उद्दीन ने शुक्रवार को कहा कि बेली रोड पर इमारत में अग्नि सुरक्षा के कोई उपाय नहीं थे। जांच में पता चला कि वहां सुरक्षा के उपकरण तक मौजूद नहीं थे, बल्कि पूरी इमारत में केवल छोटी-छोटी सीढियां थी।

कई कमरों में खिड़कियां ही नहीं थी- मेनउद्दीन
हादसे से जुड़ी घटना को बताते हुए अधिकारी ने कहा कि आग लगने के दौरान लोगों ने जिन कमरों में अपनी जान बचाने के लिए शरण ली थी, उनमें से कई कमरों में खिड़कियां ही नहीं थी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सामंत लाल सेन के मुताबिक, हादसे में अधिकांश मौतें कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता के कारण हुईं, जो बंद जगहों में अत्यधिक धुएं के कारण होती थीं।

दोषी को जहरीला इंजेक्शन लगाने के लिए नस नहीं ढूंढ पाई मेडिकल टीम, मौत की सजा पर लगी रोक

इडाहो में एक सीरियल कीलर को मौत की सजा देने के दौरान एक अजीबोगरीब घटना घटी। दरअसल, मेडिकल की एक टीम दोषी को इंजेक्शन देने से पहले सुई लगाने के लिए नस ही नहीं ढूंढ पाई, जिसके बाद उसकी सजा को रोक दी गई।

मेडिकल टीम की असफल प्रयासों के बाद रोकी गई सजा
अधिकारियों ने बताया कि 73 वर्षीय दोषी थॉमस क्रीच को एक घंटे के लिए मौत की सजा दी जाने वाली कक्ष में मेज पर बांधकर रखा गया था। मेडिकल की टीम सुई डालने के लिए बार बार उसके नस को ढूंढने का प्रयास कर रही थी। इडाहो सुधार विभाग (आईडीओसी) के निदेशक जोश तेवाल्ट ने बताया कि दोषी के हाथों और पैर में आईवी लाइन खींचने के लिए आठ बार प्रयास के बाद मौत की सजा को रोक दिया गया।

तेवाल्ट ने आगे कहा, “अब हमें समय सीमा और अगले कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ये ऐसी चीजें हैं जिसपर बाद में चर्चा होगी।” स्थानीय पत्रकार ब्रेंडा रॉडरिग्स ने बताया कि दोषी को इस दौरान कोई दर्द नहीं हुआ, लेकिन बार-बार प्रयासों के बाद उसने एक समय मेडिकल कर्मचारी को बताया कि उसके पैर में थोड़ा दर्द हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, “लगातार प्रयासों में असफलता के बाद मौत की सजा को रोक दी गई। सजा रोकने के दौरान दोषी ऊपर की तरफ देख रहा था। वह कुछ कह रहा था, जिसे मैं सुन नहीं पाई।”

इडालो में 12 वर्षों में मौत की सजा पाने वाला पहला व्यक्ति
थॉमस क्रीच 1981 में बैटरी से भरे मोजे से अपने सेलमेट की हत्या करने के आरोप में 40 से अधिक साल से सजा काट रहा था। पिछले 12 वर्षों में इडाहो में मौत की सजा पाने वाला वह पहला व्यक्ति है। क्रीच को पांच हत्याओं के मामले में सजा सुनाई गई थी।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका, इलिनॉय राज्य के प्राथमिक चुनाव के लिए भी अयोग्य घोषित

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बुधवार को कैपिटल हिल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली। शीर्ष अदालत उनकी दलीलों को सुनने पर सहमत हुआ। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले को लेकर इलिनॉय राज्य में एक स्थानीय अदालत से उन्हें झटका लगा। अदालत ने ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाले प्राथमिक मतदान से बाहर करने का आदेश दिया है। इससे पहले मेन और कोलाराडो राज्य भी ट्रंप को राज्य के प्राथमिक मतदान के लिए अयोग्य घोषित कर चुके हैं। इलिनॉय में 19 मार्च को प्राथमिक चुनाव होंगे।

न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने एक विद्रोह में भाग लिया था। इसलिए उन्हें राज्य के मतपत्र में रहने की अनुमति नहीं है। छह जनवरी 2021 को कैपिटल हिल की हिंसा में ट्रंप की भूमिका को लेकर उन्हें इलिनॉय में प्राथमिक चुनाव से बाहर किया गया।

इलिनॉय कुक काउंटी सर्किट की न्यायाधीश ट्रेसी पोर्टर ने ट्रंप को अपील करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया। न्यायाधीश ने अपना फैसला 14वें संशोधन के एक प्रावधान के आधार पर लिया। इस संशोधन की धारा 3 व्यक्ति को सार्वजनिक पद तक पहुंचने से रोकती है। इसके तहत उन लोगों को मतदान से रोका जाता है, जो एक बार संविधान को बचाने का वचन देकर बगावत में शामिल होते हैं।

पाकिस्तान नेशनल असेंबली का पहला सत्र शुरू, कार्यवाहक सरकार से विवाद के बीच मिली राष्ट्रपति से मंजूरी

पाकिस्तान की नवनिर्वाचित संसद ने गुरुवार को अपना पहला सत्र शुरू कर दिया है। कार्यवाहक सरकार के साथ चल रहे मतभेदों के बाद राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने आखिरकार विधानसभा सत्र बुलाया है। दोनों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को आरक्षित सीटें आवंटित किए जाने के मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा था। पिछली संसद के निवर्तमान अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ की अध्यक्षता में उद्घाटन सत्र एक घंटे से अधिक की देरी के बाद शुरू हुआ।

पोस्ट में कही ये बात
एक्स अकाउंट पर जारी बयान में कहा गया, ‘कुछ आपत्तियों के अधीन, राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 54(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 29 फरवरी को नेशनल असेंबली बुलायी है।’

बता दें कि कि राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 91 (2) में दी गई समयसीमा के जनादेश और निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए और कुछ आरक्षणों के अधीन और 21वें दिन से पहले आरक्षित सीटों के मुद्दे के समाधान की उम्मीद करते हुए अपनी मंजूरी दे दी।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को अल्वी द्वारा उठाई गई आपत्तियों को सीरे से खारिज कर दिया था। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली सत्र चुनाव के 21 दिनों के भीतर होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 91 के तहत, नेशनल असेंबली के पहले सत्र की जरूरी तारीख 29 फरवरी है।

अल्वी के खिलाफ दो मामले करेंगे दर्ज- बिलावल
इस मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने मगंलवार को कहा कि संविधान की अवज्ञा करने पर अल्वी के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की जाएंगी। बिलावल ने कहा कि राष्ट्रपति अल्वी के खिलाफ दो मामले दर्ज किए जाएंगे। पहला, 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर नेशनल असेंबली को भंग करने के लिए होगा। दूसरा, नेशनल असेंबली सत्र न बुलाकर संविधान की अवज्ञा करने के लिए होगा।

विपक्षी पार्टी ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ने को शुरू की ‘लेबर इंडियंस’ पहल, लैमी ने भारत को बताया महाशक्ति

ब्रिटेन में इस साल के आखिर में होने वाले आम चुनाव में विपक्षी लेबर पार्टी अपनी नैया पार लगाने के लिए ब्रिटिश भारतीयों को साधने में जुट गई है। लेबर पार्टी ने प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और सत्ता में आने के बाद एक साल में भारत के साथ बातचीत को मजबूत करने के मकसद से नया प्रवासी आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया है। लेबर पार्टी के विदेश मामलों के सचिव डेविड लैमी ने लंदन में संसद भवन परिसर में ‘लेबर इंडियंस’ पहल का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने अपनी हालिया भारत यात्रा का जिक्र किया। साथ ही लैमी ने लेबर पार्टी के आगामी चुनाव में जीतने पर भारत-ब्रिटेन साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को साझा किया। भारत को महाशक्ति बताते हुए लैमी ने कहा कि भारत की रणनीतिक साझेदारी दलगत राजनीतिक से परे है। उन्होंने कहा, उद्यमशीलता, इनोवेशन, वैज्ञानिक, औद्योगिक आधार और बड़ी आबादी के साथ एक महाशक्ति है।

लैमी ने कहा, हालांकि भारत के सामने अभी भी चुनौतियां हैं। लेकिन मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस भू-राजनीतिक समय में ब्रिटेन को यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है कि भारत दुनिया की एक महाशक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि भारत के प्रधानमंत्री कौन हैं और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कौन हैं, क्योंकि रणनीतिक रूप से दोनों देशों के बीच बहुत मजबूत संबंध हैं।