Friday , June 14 2024

पैरियार ललई सिंह यादव का जयन्ती पर उनके जन्म भूमि पर उनकी मूर्ती का अनावरण

 

ए, के, सिंह संवाददाता

उत्तर प्रदेश के जिले कानपुर देहात विकास खण्ड रसूलाबाद के कठारा ग्राम में एक सामान्य कृषक परिवार पैरियार ललई सिंह यादव का जन्म हुआ था और उनके जन्म दिन पर एक आयोजन कार्यक्रम रखा और उनकी जन्म भूमि पर मूर्ती का अनावरण और सहयोग रहा भीम आर्मी जिला अध्यक्ष कानपुर देहात से सुनील यादव,डाँ0 देवेन्द्र गौतम आसपा पार्टी के उम्मीदवार अरविन्द राठौर मंडल प्रभारी कानपुर आसपा, यदुनाथ सिंह यादव इस कार्यक्रम मैं बहुत बड़ी भूमिका और कार्यक्रम का सारा प्रबंध इनके द्वारा रखा गया था आ आज ही अतिथियों का स्वागत किया गया और बोध्दकथा वाचक एलपीजी के व्दारा मूर्ती अनावरण किया गया । और कार्यक्रम महजूद लोग भीम आर्मी मंडल सचिव प्रवल प्रताप,और सभी भीम आर्मी कार्यकार्ता चंदन बाबू , सत्य व्रध वेदी सिह, धर्मेन्द गौतम,राहुल यादव कोशाध्यक्ष कानपुर देहात रीता अम्बेडकर भीम आर्मी जिला अध्यक्ष महिला विंग रीना अम्बेडकर जिला उपाध्यक्ष महिला विंग,बबलू यादव जिला प्रभारी भीम आर्मी कानपुर देहात,और मंच संचालक राहुल शाक्य ,महेन्द्र शास्य विधूना,डा हिर्दय सिंह, स्नेह यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख एवराकटरा, डाँ0 कमलेश कुशवाह, डाँ0 मुकेश दिवाकर, सगर भारतीय ,कथावाचक मिलन बोध्द आदि लोग मौजूद रहे।
ललई का जन्म एक सितम्बर 1911 को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के कठारा ग्राम में एक सामान्य कृषक परिवार में हुआ था। पुराने धार्मिक होने पर भी यह परिवार अंधविश्वास रूढि़यों के पीछे दौड़ने वाला नहीं था,उन्होने पुस्तक सच्ची रामायण के हिन्दी में 01-07-1969 को प्रकाशन से सम्पूर्ण उत्तर पूर्व तथा पश्चिम् भारत में एक तहलका सा मच गया। पुस्तक प्रकाशन को अभी एक वर्ष ही बीत पाया था कि उ.प्र. सरकार द्वारा 08-12-69 को पुस्तक जब्ती का आदेश प्रसारित हो गया कि यह पुस्तक भारत के कुछ नागरिक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर चोट पहुंचाने तथा उनके धर्म एवं धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने के लक्ष्य से लिखी गयी है।