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मथुरा विफल होती हमारी विदेश नीति

 

मथुरा से अजय ठाकुर

गोवर्धन – जिला कांग्रेस व्यापार उधोग एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राजीव शर्मा ने भारत की विदेश नीति को दर्शाते हुए कहा कि तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा जमा लेना न सिर्फ संसार की अपितु भारत की असफल कूटनीतिक नीति को दर्शाता है।
तालिबान के कब्जे के बाद भारत, चीन आदि देशों पर इसका सबसे खराब असर पड़ेगा। इसकी चपेट में भारत भी आएगा। जो तालिबान हिंसा और आंतक के दम पर अफगानिस्तान पर हुकूमत करना चाहता है उसे कई आतंकी संगठनों का साथ मिला हुआ है। पाकिस्तान ने उसकी मदद के लिए अपने लड़ाकू भेजे हैं, इसलिए पाकिस्तान अपने हक में भारत के खिलाफ उसका इस्तेमाल कर सकता है।  बेशक अफगानिस्तान के साथ भारत के रिश्ते अच्छे रहे, लेकिन पाकिस्तान की संगत में रहने के कारण तालिबानियों की तैयारी भारत को नीचा दिखाने की ही रही है। अफगानिस्तान में नई सरकार की जो रूपरेखा बन रही है उस पर तालिबान पूरी तरह से हावी होगा और पाकिस्तान इसे अपने लिए अच्छा मानेगा। वहां अब शरीया कानून लागू हो सकता है और कट्टरपंथी ताकतों के सरकार में शामिल होने का फायदा पाकिस्तान भारत के खिलाफ उठाना चाहेगा।
हमारी विदेशनीति फिलिस्तीन और इजरायल संघर्ष में भी वेनकाब हुई, न हम खुलकर फिलिस्तीन का साथ दे पाए और न ही इजरायल का, फलता दोंनो ही देश हमसे नाराज रहे। जब वर्मा में सरकार जा रही थी वहाँ भी हम मूकदर्शक बने रहे। भारत न सिर्फ एशिया की अपितु पूरे विश्व की एक बड़ी शक्ति है। अमेरिका में चुनाव के दौरान हमारे प्रधानमंत्री ने खुलकर ट्रम्प सरकार का प्रचार किया और अमेरिकी राष्ट्रपति को भारत बुलाकर घोषणा की कि अबकी बार ट्रम्प सरकार। उसका नतीजा ये रहा कि आज अमेरिका हमको शक की निगाहों से देखता हैं।