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प्राथमिक शिक्षक संघ के धरने में शामिल नहीं होंगे, शिक्षामित्र खोलेंगे विद्यालय

इटावा। कल पूरे प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर वीआरसी पर आयोजित धरना प्रदर्शन में शिक्षामित्र भाग नहीं लेंगे क्योंकि शिक्षामित्रों के आंदोलन में बेसिक शिक्षक संघ ने साथ नही दिया था।

यह जानकारी देते हुए आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री जिला अध्यक्ष उदयवीर सिंह यादव ने बताया कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दिनांक 14 सितंबर को प्रदेश की समस्त बीआरसी पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है इस धरना प्रदर्शन के पोस्टर में शिक्षामित्रों की मांगों के संबंध में भी जिक्र किया है यह प्राथमिक शिक्षक संघ की चाल है क्यो कि उनके संगठन को यह बात बड़ी बात पता है कि शिक्षामित्रों के बिना सहयोग के उनकी मांगे कभी पूरी नहीं की जा सकेगी और विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मित्र के लिए पर्याप्त हैं उदयवीर सिंह यादव ने कहा के प्रदेश के सैकड़ों ऐसे विद्यालय है जिनमे शिक्षामित्रों ने अकेले पढ़ाई की है और पूरी जिम्मेदारी संभाली है उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के किसी भी आंदोलन में प्राथमिक शिक्षकों ने कोई साथ नहीं दिया है शिक्षामित्र अपनी आवाज उठाने के लिए सक्षम है और आंदोलन धरना प्रदर्शन करना बखूबी जानते हैं हमें किसी के साथ की जरूरत नहीं है उदय वीर सिंह यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5000 शिक्षामित्रों की मौत हो चुकी है लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ का कोई नेता आज तक एक भी शिक्षा मित्र के घर सांत्वना देने नहीं गया यह संवेदनहीन हो गए है आज जब खुद के धरना प्रदर्शन की बारी आई तो अपनी माँगो में शिक्षा मित्रों की मांगो को शामिल कर दिया। उदयवीर यादव ने कहा कि सभी शिक्षामित्र धरने का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा है कि जब शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हटाया गया था और उस समय शिक्षा मित्रो ने विद्यालयों में तालाबंदी की घोषणा की थी तो प्राथमिक शिक्षकों ने शिक्षामित्रों का बिल्कुल साथ नहीं दिया था और अपने अपने विद्यालय खोले थे शिक्षामित्रों की मांगे आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं इसकी वजह सिर्फ प्राथमिक शिक्षक है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की मांगे पूरी होने में बेसिक शिक्षक रोड़ा बने हुए हैं उन्होंने सभी प्रदेश के शिक्षामित्रों से आह्वान किया है कि विद्यालय खोलें और समय से विद्यालय पहुंचे और किसी भी कीमत पर धरना प्रदर्शन में शामिल ना हो। अगर कोई शिक्षक विद्यालय बंद करने के लिए दबाव डालता है तो पुलिस को सूचित करें