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केंद्र में मंत्री बनने के बाद जितिन प्रसाद ने यूपी के मंत्री पद व विधान परिषद की सदस्यता से दिया इस्तीफा

लखनऊ:  केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद जितिन प्रसाद ने यूपी सरकार के मंत्री पद व विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें मोदी सरकार 3.0 में वाणिज्य राज्यमंत्री बनाया गया है।वह यूपी में विधान परिषद सदस्य थे और सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री थे। उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया गया है।

मोदी सरकार में यूपी को खास अहमियत
सरकार में यूपी को खास अहमियत दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद में विभाग बंटवारे में यूपी के राज्य मंत्रियों को खासी अहमियत दी है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जंयत चौधरी को कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा उन्हें शिक्षा विभाग का राज्यमंत्री भी बनाया गया है। कीर्तिवर्धन सिंह को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन के साथ विदेश मामलों का मंत्री बनाकर उनका कद बढ़ाया गया है। जितिन प्रसाद को वाणिज्य एवं उद्योग के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली है।

मोदी-3 मंत्रिपरिषद में यूपी से दो कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह और हरदीप पुरी हैं। रालोद के जयंत चौधरी को महत्वपूर्ण विभाग देकर जाट मतदाताओं में उनकी पकड़ को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है। मंत्रिपरिषद में दोबारा स्थान पाने वाले बीएल वर्मा उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री होंगे। पिछली बार उनके पास अपेक्षाकृत कम महत्व के माने जाने वाला उत्तर पूर्व विकास क्षेत्र और सहकारिता विभाग था।

अपना दल (एस) कोटे की अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक विभाग की मंत्री बनाई गई हैं। मोदी-2 सरकार में वे वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री थीं। मोदी-2 सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री रहे एसपी सिंह बघेल को इस बार मत्स्य, पशुपालन व डेयरी और पंचायती राज विभाग में जिम्मेदारी मिली है। पंकज चौधरी पुनः वित्त राज्यमंत्री बनाए गए हैं। पहली बार मंत्री बने कमलेश पासवान को ग्रामीण विकास विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है।